हरिद्वार/रुड़की(संदीप तोमर)। देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने रुड़की के साथ ही पूरे हरिद्वार जनपद में ही जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश से शहर की मुख्य सड़कें,बाजार और कई कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। कई निचले इलाकों में बारिश का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया,जिससे घरेलू सामान भी खराब हो गया। जलभराव के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया,जबकि कई वाहन बीच सड़क पर पानी में फंसते नजर आए। बारिश ने नगर निगम के जल निकासी के दावों की भी पोल खोलकर रख दी।
मौसम विभाग की भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एहतियातन हरिद्वार जनपद के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
रुड़की में हालात का जायजा लेने के लिए मेयर अनीता देवी अग्रवाल स्वयं ट्रैक्टर पर बैठकर प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं। उन्होंने विशेष रूप से रामपुर चुंगी सहित शहर के विभिन्न जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया और निगम अधिकारियों को पानी की निकासी के लिए तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। मेयर ने जलभराव से प्रभावित लोगों का हालचाल भी जाना और राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा।
उधर हरिद्वार में भी लगातार बारिश से कई निचले क्षेत्रों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भगत सिंह चौक,रानीपुर मोड़,कनखल के गुरुबख्श विहार और राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित भूमनानंद अस्पताल के निकट जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल जल निकासी अभियान चलाने और जलभराव वाले मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों और श्रद्धालुओं से नदी किनारों एवं घाटों पर अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की। साथ ही सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहकर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट हरगिरी,एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह,जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह,यातायात निरीक्षक संदीप नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात से पहले नालों की सफाई और बेहतर जल निकासी के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं,लेकिन पहली ही तेज बारिश में पूरे सिस्टम की वास्तविकता सामने आ जाती है। लोगों ने नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी वादे अब केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। फिलहाल लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है,जबकि जलभराव की समस्या आमजन के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनी हुई है।
