देहरादून(संदीप तोमर)। उत्तराखण्ड की धरती के महान सपूत एवं पूर्व आईएएस अधिकारी चंद्र सिंह का आज प्रातःकाल निधन हो गया। वे लंबे समय से आयु-संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
श्री सिंह अपनी निष्कलंक ईमानदारी,कड़े लेकिन न्यायप्रिय प्रशासन,अत्यंत सादगीपूर्ण जीवनशैली,सामाजिक सुधारों के प्रति समर्पण तथा गरीबों और वंचितों के हितैषी के रूप में सदैव याद किए जाएंगे। वह मूलतः उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद अंतर्गत भटवाड़ी तहसील के केलसू भंकोली गांव के रहने वाले थे।
सत्तर के दशक में उन्होंने रुड़की में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उस दौर में रुड़की मछली बाजार क्षेत्र में संचालित वेश्यावृत्ति के कोठों को बंद कराने तथा पिरान कलियर मेले में दशकों से चली आ रही तवायफों की गीत-संगीत की महफिलों पर स्थायी रोक लगाने जैसे उनके साहसिक और ऐतिहासिक निर्णयों के लिए उन्हें हमेशा स्मरण किया जाएगा। इसके अलावा बतौर प्रशासनिक अधिकारी उन्होंने पूरे कार्यकाल अनेक ऐसे माइल स्टोन कार्य किए,जो अपने आप में मिसाल हैं। रमन लाल,जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के पूर्व संयुक्त रजिस्ट्रार रहे हैं,चंद्र सिंह के छोटे भाई हैं। रुड़की के वरिष्ठ पत्रकार अहमद भारती,अमजद उस्मानी,सुभाष सैनी एवं तपन सुशील के अनुसार उनके लिए व्यक्तिगत चंद्र सिंह सदैव एक आदर्श,प्रेरणास्रोत और नायक रहे। उनका निधन हम सभी के लिए एक क्षति है। चंद्र सिंह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और देहरादून के मैक्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था,बताया गया है कि वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली।
ईश्वर से प्रार्थना है कि पवित्र आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं चिरशांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार और हम सभी को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें। ॐ शान्तिः।
