रुड़की(संदीप तोमर)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सफलतम कार्यकाल को समर्पित ‘सेवा सप्ताह’ के अंतर्गत रुड़की स्थित सेवा केंद्र (कैंप कार्यालय)में रविवार को विशाल निःशुल्क गैस्ट्रो एवं लीवर रोग जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। खास बात यह रही कि सामान्यतः बाजार में करीब 6 हजार रुपये तक की लागत वाली अत्याधुनिक लीवर फाइब्रो स्कैन जांच भी पूरी तरह निःशुल्क की गई,जिससे सैकड़ों मरीजों को सीधा लाभ मिला।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सेवा सप्ताह केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि जनसेवा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम नागरिक तक स्वास्थ्य,शिक्षा और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। ऐसे शिविर समाज के प्रत्येक वर्ग को राहत देने का कार्य कर रहे हैं।
शिविर में श्रीमती मनीषा बत्रा भी पहुंचीं और लोगों से संवाद करते हुए सेवा सप्ताह के उद्देश्य एवं सेवा संकल्प की भावना को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि समाज की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
शिविर में प्रसिद्ध गैस्ट्रो एवं लीवर रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन देव मुंजाल ने मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया। उन्होंने खुलासा न्यूज से विशेष बातचीत में बताया कि आज के समय में गलत खानपान,अत्यधिक तैलीय भोजन,मोटापा,मधुमेह और शराब के सेवन के कारण लीवर संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। कई बार मरीजों को लंबे समय तक बीमारी का पता भी नहीं चलता,इसलिए समय-समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है।
डॉ.मुंजाल ने कहा कि फाइब्रो स्कैन के माध्यम से बिना किसी दर्द और ऑपरेशन के लीवर की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। यदि बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए तो उसका उपचार काफी आसान और प्रभावी हो जाता है। उन्होंने लोगों से संतुलित आहार अपनाने,नियमित व्यायाम करने तथा अनावश्यक दवाइयों के सेवन से बचने की अपील की।
दिनभर चले शिविर में हजारों लोगों ने विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ उठाया। जांच,परामर्श और आधुनिक जांच सुविधा निःशुल्क उपलब्ध होने से लोगों ने मुख्यमंत्री धामी के सेवा सप्ताह और कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा के इस जनहितकारी प्रयास की सराहना की। शिविर का समापन लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और जनसेवा के संकल्प के साथ हुआ।
