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रुड़की(संदीप तोमर)। नगर निगम में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को खत्म कराने के लिए चल रही कोशिशों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। कर्मचारियों और नगर निगम प्रशासन के बीच करीब दो घंटे तक चली लंबी बातचीत के बावजूद किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी,जिससे शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
हालांकि इस पूरे मामले में रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा की पहल से समाधान की उम्मीद तेज हुई है। विधायक प्रदीप बत्रा ने गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सफाई कर्मियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था,जिसके बाद शहरी विकास विभाग के सचिव को समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए गए हैं।
विधायक प्रदीप बत्रा ने बताया कि सचिव स्तर पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और सफाई कर्मियों की मांगों के समाधान की प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने कहा कि वे भले ही अभी गैरसैंण सत्र में व्यस्त हैं,लेकिन पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही समाधान निकलने की उम्मीद है। बत्रा ने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होगा और नगरवासियों को भी जल्द राहत मिलेगी।
इधर शहर में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम के जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद मैदान में उतर आए। महापौर अनीता अग्रवाल,मुख्य नगर आयुक्त राकेश तिवारी,सफाई आयोग के सदस्य विनय प्रताप सिंह,मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल और कई पार्षदों ने पहले हड़ताली कर्मचारियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा की।
करीब दो घंटे चली इस बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर मंथन हुआ,लेकिन सहमति नहीं बन सकी और वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई। कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
वहीं बीती देर शाम नगर आयुक्त राकेश तिवारी,मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल,पार्षदों और नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों ने खुद झाड़ू उठाकर नगर निगम कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया। साथ ही शहरवासियों से भी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों से लगातार संवाद जारी है और शासन स्तर पर भी समाधान की दिशा में प्रयास तेज हैं। ऐसे में अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विधायक प्रदीप बत्रा की पहल से यह गतिरोध कब खत्म होता है और शहर की सफाई व्यवस्था कब दोबारा पटरी पर लौटती है।
